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धारा 375 भारतीय दंड संहिता

जब कोई पुरुष किसी स्त्री के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध सम्भोग करता है तो उसे बलात्कार कहते हैं। सम्भोग का अर्थ - पुरुष के लिंग का स्त्री की योनि में प्रवेश होना ही सम्भोग है। किसी भी कारण से सम्भोग क्रिया पूरी हुई हो या नहीं वह बलात्कार ही कहलायेगा। बलात्कार तब माना जाता है

धारा 375 भारतीय दंड संहिता जब कोई पुरुष किसी स्त्री के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध सम्भोग करता है तो उसे बलात्कार कहते हैं। सम्भोग का अर्थ - पुरुष के लिंग का स्त्री की योनि में प्रवेश होना ही सम्भोग है। किसी भी कारण से सम्भोग क्रिया पूरी हुई हो या नहीं वह बलात्कार ही कहलायेगा। बलात्कार तब माना जाता है

धारा 375 भारतीय दंड संहिता जब कोई पुरुष किसी स्त्री के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध सम्भोग करता है तो उसे बलात्कार कहते हैं। सम्भोग का अर्थ - प...
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यौन अपराध / बलात्कार सम्बंधित कानून

समाज में चारों ओर गुंडा-गर्दी, दहशत का माहौल है। बलात्कार व हिंसा की घटनाएँ बढ़ रही हैं। विशेषकर महिलाएँ इन घटनाओं का अधिक शिकार होती हैं। गुंडे दफ्तर में, सड़क पर यहाँ तक की मंदिर में भी छिछोरी हरकत करने से बाज नहीं आते, आए दिन बलात्कार की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। गुंडातत्व से तो जैसे-तैसे निपटा जा सकता है लेकिन वासना के पुजारी पुरुष सगे संबंधियों से कैसे निपटे

यौन अपराध / बलात्कार सम्बंधित कानून समाज में चारों ओर गुंडा-गर्दी, दहशत का माहौल है। बलात्कार व हिंसा की घटनाएँ बढ़ रही हैं। विशेषकर महिलाएँ इन घटनाओं का अधिक शिकार होती हैं। गुंडे दफ्तर में, सड़क पर यहाँ तक की मंदिर में भी छिछोरी हरकत करने से बाज नहीं आते, आए दिन बलात्कार की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। गुंडातत्व से तो जैसे-तैसे निपटा जा सकता है लेकिन वासना के पुजारी पुरुष सगे संबंधियों से कैसे निपटे

यौन अपराध / बलात्कार सम्बंधित कानून समाज में चारों ओर गुंडा-गर्दी, दहशत का माहौल है। बलात्कार व हिंसा की घटनाएँ बढ़ रही हैं। विशेषकर महिलाएँ...
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मिलावटी दूध पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती कितनी कारगर?

जस्टिस केएस राधाकृष्णन और ए.के. सीकरी की बेंच ने कहा कि दूध में मिलावटखोरी रोकने के लिए मौजूदा कानूनी व्यवस्था नाकाफी है। बेंच इस मामले में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की सरकारों ने अपना जवाब दाखिल किया। इसमें कहा कि उन्होंने पहले से ही ऐसे अपराधों के लिए उम्र कैद की सजा वाले कानून बना रखे हैं। इ

मिलावटी दूध पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती कितनी कारगर? जस्टिस केएस राधाकृष्णन और ए.के. सीकरी की बेंच ने कहा कि दूध में मिलावटखोरी रोकने के लिए मौजूदा कानूनी व्यवस्था नाकाफी है। बेंच इस मामले में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की सरकारों ने अपना जवाब दाखिल किया। इसमें कहा कि उन्होंने पहले से ही ऐसे अपराधों के लिए उम्र कैद की सजा वाले कानून बना रखे हैं। इ

मिलावटी दूध पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती कितनी कारगर? जस्टिस केएस राधाकृष्णन और ए.के. सीकरी की बेंच ने कहा कि दूध में मिलावटखोरी रोकने के लिए म...
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मृत्युदंड: बहस अभी जारी है

मृत्युदंड से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय का नवीनतम शानदार फैसला तमाम और लोगों के साथ मध्यप्रदेश के मगन के लिए भी राहत लाया है। यह फैसला मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में एक लंबी छलांग है। मृत्युदंड को भले ही कानूनी रूप से उचित ठहराया जाए, लेकिन क्या इसे सभ्य समाज का द्योतक माना जा सकता है? यह एक

मृत्युदंड: बहस अभी जारी है मृत्युदंड से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय का नवीनतम शानदार फैसला तमाम और लोगों के साथ मध्यप्रदेश के मगन के लिए भी राहत लाया है। यह फैसला मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में एक लंबी छलांग है। मृत्युदंड को भले ही कानूनी रूप से उचित ठहराया जाए, लेकिन क्या इसे सभ्य समाज का द्योतक माना जा सकता है? यह एक

मृत्युदंड: बहस अभी जारी है मृत्युदंड से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय का नवीनतम शानदार फैसला तमाम और लोगों के साथ मध्यप्रदेश के मगन के लिए भी रा...
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जरूरी है सभ्य समाज में पुलिस की जवाबदेही

भले ही उच्चतम न्यायालय का स्पष्ट निर्देश हो कि हर संज्ञेय अपराध की एफआईआर जरूर दर्ज की जाय लेकिन, जैसे देश की पुलिस मशीनरी के लिए इसका कोई मतलब नही है। हर दरोगा अपने थाने का गुंडा होता है और थाने के भीतर उसके शब्द ही कानून होते हैं। रही सही कसर सरकारों के बेतुके फरमान पूरी कर देते ह

जरूरी है सभ्य समाज में पुलिस की जवाबदेही भले ही उच्चतम न्यायालय का स्पष्ट निर्देश हो कि हर संज्ञेय अपराध की एफआईआर जरूर दर्ज की जाय लेकिन, जैसे देश की पुलिस मशीनरी के लिए इसका कोई मतलब नही है। हर दरोगा अपने थाने का गुंडा होता है और थाने के भीतर उसके शब्द ही कानून होते हैं। रही सही कसर सरकारों के बेतुके फरमान पूरी कर देते ह

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